मै हर स्त्री के मन की बात हुँ... ऐ दस्तूर बडा कमाल का है सब शास्त्रों वैदो के नाम मेँ भेंट चड जाउँ मे हर स्त्री के मन की बात हु। समाज बेटी पढावो का परचम लहराकर हर रिति रिवाज के नाम अपने सपने आँसु मे बहा दैने वाली नदी हुँ, मे हर स्त्री के मन की बात हुँ। प्यार किसी और से शादी किसी ओर से, दिल के जस्बातो को समजाने की आदत सी हो गई हैं,पर ईस बेचैन से दिल का क्या? मेँ इज्ज़त के नाम पर कुरबान हुई हर स्त्री के मन की बात हुँ। नवरात्रि बहुत प्यारा त्योहार हैं, नौ दैवी ओकी पूजा तो बडी भक्तिभाव से की करने वाले अपनी ही बेटी और पत्नी को घरों गालीगलौज करने वालों की कोई कमी नहीं, मे घरेलू हिंसासे पिडित हर स्त्री के मन की बात हुँ। बेटी बचाओ बेटी बचाओ का नारा लगातार, बडी बडी डिन्गे मारने वाले मैंने बहुत दैखे है, बेटो की चाहत के गर्भ मेँ मार दी गई हुई हर,बेटी की चित्कार हुँ,मेँ स्त्री के मन की बात हुँ। मां कहेती है तुम घर कि इज्ज़त खराब मत करो, बेटो को नहीं कहा जाता कि तुम किसिकी ईज्जत से साथ खेला न करो,हवस का शिकार बनी हुई स्त्री के मन की बात हुँ। ए दस्तुर बडा कमाल का है, सब वैदो शास्त्रों के नाम मेँ भेट चड जाउँ, मेँ वो हर स्त्री के मन की बात हुँ। शैमी ओझा "लफ्ज़"
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
પ્રાશ્ચિત
જેનુ દિલ દુભાયુ હોય જેનુ ખરાબ મારા કારણે થયુ હોય મનથી પણ કોઈને મારાથી ઠૈસ પહોંચી હોય તો દિલથી ક્ષમાપાર્થી છું,મન તન કર્મ વિચારો ...
-
એ કોઈ ભાળ મળે તો કહેજો.... વિરહ અછાંદસ ગઝલ.... હું શોધી શોધીને થાકી ગઈ છું, કોઈ સામે મળે તો કહેજો.... જેની એક મુસ્કુરાહટથી દિવસ રંગીન બની જા...
-
નરસિંહ મહારાજ જય નરસિંહ મહારાજ, જય નારાયણ નારાયણ વંદન હો... વધ્યો પૃથ્વી,સ્વર્ગ પર પાપચાર ત્યારે હરીએ યુગે યુગે અવતાર ધર્યો.દાનવને હણ્યા રા...
-
પહેલી મૂલાકાત.... પહેલી મૂલાકાતમા તે કરેલો મદમસ્ત ઈશારો મેં દિલમાં અકબંધ રાખ્યો છે,મૌન થકી અણબોલાયેલી લાગણીઓને હૈયામાં તક્તિ રુપે જડી છે. ...

No comments:
Post a Comment